चालाक-मछली-Chalak-Machhali

Chalak Machhali Hindi Kahani | हिंदी कहानी – चालाक मछली


Chalak Machhali Hindi Kahaniचालाक मछली

 
 
चालाक मछली Chalak Machhali Hindi Kahani

चालाक मछली Chalak Machhali Hindi Kahani

चालाक मछली हिन्दी कहानी

Chalak Machhali : एक बार की बात है , एक मछुआरा नदी के किनारे रोज मछली पकड़ने जाता था । वह उन मछलियों  को बाज़ार में बेचकर पैसा कमाता था ‍‍‌। जिससे वह अपनी जीवन – यापन करता था ।

एक दिन वह यह सोचकर घर से निकला कि आज वह ज्यादा से ज्यादा मछली पकड़ेगा और उसे बेचकर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाएगा । ऐसा सोचते हुए वह नदी के पास आया और मछली पकड़ने के लिय नदी में जाल फेंका । जाल में कुछ हलचल हुई । मछुआरा ने जाल अपनी ओर खींचा । उसने देखा कि जाल में छोटी सी मछली है और वह काफी तेज़ी से जाल में कूद रही थी । जैसे वह अभी नदी में छलांग लगा देगी । 

चालाक मछली Chalak Machhali Hindi Kahani
चालाक मछली Chalak Machhali Hindi Kahani



मछली ने मछुआरे से कहा – तुम मुझे छोड़ दो , मैं काफी छोटी हूँ । तुम मुझे छोड़ दोगे तो मैं नदी में जाकर बहुत सारी मछलियों को अपने साथ नदी के किनारे ले आऊँगी ।

तब तुम सब मछलियों को पकड़ लेना । मछुआरे ने सोचा – छोटी मछली ठीक कह रही है , और वह ऐसा सोचकर मछली को वापस नदी में डाल दिया । मछली ने मछुआरे को धन्यवाद दिया और नदी के अन्दर चली गई । 


चालाक मछली Chalak Machhali Hindi Kahani
चालाक मछली Chalak Machhali Hindi Kahani



मछुआरा नदी के किनारे मछलियों का आने का इन्तज़ार करता रहा । सुबह से शाम हो गई परन्तु मछुआरे ने एक भी मछली नदी के किनारे पर आते हुए नहीं देखा । अब वह सब कुछ समझ गया था की छोटी मछली ने चालाकी की थी 

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